दोस्तों की यारी ,यारों की दोस्ती
है अनमोल , जैसे मिले सागर में कोई मोती
तारों से प्यारे है
मुस्कुराते है खिलखिलाते है
संग संग ये रंग भिखाराते है
चलते है बिछड़ते है
मिलते है संवरते है
हर पल को यादगार बनाते है
यारा उन्ही को यार कहते है!!!!!!!
हर लम्हा होती है थोड़ी शरारत
कभी आँखों में मस्ती और कभी इशारों की नज़ाकत .....
कभी बोले क्या खूब अम्बर असमान और दरिया है!!!!!!!!
कभी हो चर्चे कितनी सुन्दर परियाँ है!!!!!!!!!
ये कारवां यूँ ही चलता रहे
मस्तियों में ये दिल डूबता रहे
यारों का साथ हर कदम पे मिले
मौसम की मुस्कान अपने यारों के चहेरे पे खिले
वक़्त बदले बदले सारा जहाँ
पर हम न बदलेंगे , लायेंगे हर पल मस्तियाँ!!!!!!!!!!!
जब जब मिलेंगे हम किसी मोड़ पर
याद आएंगे मस्तियों वाले वो पल
वो साथ में बैठना , सोचना कैसा होगा आने वाला कल
वो एक झूट के पीछे झूठ का महल
न पता चले किसी को -क्या हुआ था कल!!!!!!!!
बस यही है छोटी छोटी सी खुशियाँ!!!!!!
न खोना इन्हें , और नहीं मिले अभी तक ऐसे यार
तो जल्दी धुनडो सरकार !!!!!!!!!!!!!!
good yaar
ReplyDeleteGood one
ReplyDeleteAfter reading this article I remembered and missed my friends very badly