Monday, August 17, 2009

सुन ज़रा क्या कह रही तेरी जुबान
दिल को थाम ,कम पे लगा अपना कान
कान से सुन काम की धुन,
सही ग़लत की दिक्कत जेब में डाल!!!!
दिल तोह दिल ही है
थोड़ा silly है
न माने दिल तो मत मानने दे
क्या पता किसमत कल ये मौका दे या न दे
पकड़ इस पल को और निकल चल इस भवर से
रुका हुआ है मौज का लम्हा कल से.
आगे न मिले इस पल का replay
थोड़ा सा दिमाग खोल और जी ले.
वोह .........रुकी गाड़ी को मिली हरी झंडी
और दौड़ पड़ी अपनी ये ज़िन्दगी!!!!!!!!!!!!!!!!!!